Wednesday, April 27, 2011

बारिश

पिछले दो दिनों से मौसम कुछ सर्द चल रहा है ... हलकी हलकी बूंदा बांदी हो रही है ... मुझे हमेशा से बारिश से एक अलग सा लगाव रहा है ..... बचपन में ...वो स्कूल से आते हुए दोस्ते को के साथ भीगना... माँ की डाट ... फिर वो कॉलेज कैंटीन की मीठी बारिश की यादे .... फिर प्यार के साथ वो तन मन डूबो के भीगने वाले दिन ... उफ़ ये बारिश ... आज भी बादल छाते है तो मन में वही पुराने गीत उमड़ आते है ... बारिश की ये रिमझिम गिरती बूंदों की आवाज़ मेरे मन मस्तिष्क में शांति लाती है ... मेरे मन को तरो ताज़ा कर देती है ... मुझे खींच ले जाती है मेरे बचपन के दिनों की ओर जहाँ बिना किसी झिझक के मैं खूब नाचती थी और कागज के नाव के साथ खेलती थी ...
वो मासूमियत भरे दिनों की याद आज भी मुझे सुकून देती है ... दिल करता है फिर से वही मासूम पल में जियूं ... फिर से बारिश में भीग जाऊ ... फिर उन पलो में डूब जाऊ ....



आज मौसम जरा सर्द है

दिल में उठा क्यूँ ये दर्द है

पहली बारिश की वो यादें

लेके ये आता है

तन मन को फिर मेरे

भीगो जाता है

आज भी भीग लूँ मैं

तेरी बाहों में इस तरह

मिल जाए मेरी रूह

तेरी रूह के साथ

जैसे माटी मिले

जल के साथ

वही पहली खुशबु

आज ये मौसम लाया है

दिल में तेरे प्यार का

मौसम आया है

चित्र गुगुल से साभार


27 comments:

  1. फिर प्यार भरा मौसम
    फिर वो पानी...
    फिर और किश्ती ..

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  2. सच में बंधे रखने वाली कविता.
    बहुत बेहतरीन!!!!

    सादर

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  3. जैसे माटी मिले
    जल के साथ
    वही पहली खुशबु
    आज ये मौसम लाया है

    वाह!

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  4. जैसे माटी मिले

    जल के साथ

    वही पहली खुशबु

    आज ये मौसम लाया है...

    बहुत खूब! बहुत सुन्दर भावपूर्ण रचना..

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  5. बहुत खूब कुछ तो है इस कविता में, जो मन को छू गयी।

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  6. जल के साथ

    वही पहली खुशबु

    आज ये मौसम लाया है

    दिल में तेरे प्यार का

    मौसम आया है

    ..बहुत ख़ूबसूरत...ख़ासतौर पर आख़िरी की पंक्तियाँ....मेरा ब्लॉग पर आने और हौसलाअफज़ाई के लिए शुक़्रिया..

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  7. very nice !!!
    to research ur Raam..visit now ---
    www.susstheraam.blogspot.com, www.theraam.weebly.com

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  8. Being born in July in the month of 'saawan' i love rains...

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  9. माटी की खुश्बू .. वाह

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  10. बहुत सुंदर रचना ....माटी से जुड़े मन के भाव.....

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  11. पहली बार आपके ब्लॉग पर आना हुआ. बचपन कि मधुर यादें और आपकी बरसात के भिगाव ने तो मन को भिगो कर निहाल कर दिया.
    मेरे ब्लॉग पर आयें.आपका हार्दिक स्वागत है.

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  12. बहुत सुंदर रचना, बचपन की यादे लिये

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  13. बारिश का मौसम कुछ न कुछ नया उभार लाता है।

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  14. sach me bachpan ki yade bahut sunder hoti hai...........
    sunder..

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  15. सच आपने मन को फिर से बचपन में पहुँचा दिया अच्छी अभिव्यक्ति के लिए बधाई |
    मेरे ब्लॉग पर आने के लिटे आभार
    आशा

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  16. गर्मी के मौसम में बारिश की याद दिलाती कविता बहुत ही सुंदर लगी!
    विवेक जैन vivj2000.blogspot.com

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  17. आपकी उम्दा प्रस्तुति कल शनिवार (30.04.2011) को "चर्चा मंच" पर प्रस्तुत की गयी है।आप आये और आकर अपने विचारों से हमे अवगत कराये......"ॐ साई राम" at http://charchamanch.blogspot.com/
    चर्चाकार:Er. सत्यम शिवम (शनिवासरीय चर्चा)

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  18. सुन्दर कविता को पढवाने के लिए मेरी बधाई स्वीकारें....

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  19. इस गर्मी में बारिश की याद ...
    पहली बारिश की बूंदों से लिपटी मिटटी की खुशूब- सी ही !

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  20. वाह बहुत सुन्दर प्रस्तुति... रचना बहुत बढ़िया है ...

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  21. ये प्यार का मौसम मुबारक आपको तृप्ति जी .....
    स्कूल के दिनों कि याद दिला दी आपने ...
    हम भी कभी छाता लेकर नहीं गए थे स्कूल ...
    बारिश हो या धूप बिना छाते के ही जाना होता .....
    सच में कितने सुहाने थे वे दिन ......

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  22. यादें कई बार जीवन की कडवाहट दूर करने में बहुत सहायक रहती हैं ...शुभकामनायें !!

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  23. I love rains.
    बारिश पर कविता,वाह मज़ा आ गया.

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  24. Komal ahsason se bhingati rachana...

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टिप्पणी के लिए आपका बहुत धन्यवाद. आपके विचारों का स्वागत है ...

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