Monday, April 18, 2011

बस इतनी सी .........

हम रोज हसते है, रोते है, नाराज़ होते है, रूठते है मनाते है...... पर जब जिन्दगी की तरफ मुड के देखते है तो पाते है कितने छोटी है ये जिंदगी........ बस इतनी सी.....इतनी सी

बस इतनी सी जिंदगी ये
थोड़ी तेरी थोड़ी मेरी

हाथो में हाथ लिए
बैठे थे हम
तेज झोकें से
बिखर गए हम

बस इतनी सी जिंदगी ये
थोड़ी अपनी थोड़ी उसकी

साथ साथ बिताए
वो लम्हे
बहते जा रहे है कही
रोके से अब ये
रुक ना पा रहे अभी

बस इतनी सी जिंदगी ये
कुछ हवा कुछ पानी

हालत ने अब ये कहा
लाके रख दिया कहाँ
साथ साथ होते हुए भी
बेगाना कर दिया

बस इतनी सी जिंदगी ये
तेरी हंसीं मेरे आंसूं

37 comments:

  1. बस इतनी सी जिंदगी ये
    तेरी हंसीं मेरे आंसूं
    यही तो है ज़िन्दगी, इतनी हो या उतनी। निज़ाम साहब का एक शे’र शेयर कर लूं।
    बरसों से घूमता है इसी तरह रात दिन,
    लेकिन ज़मीन मिलती नहीं आस्मान को।

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  2. बस इतनी सी जिंदगी ये
    थोड़ी तेरी थोड़ी मेरी
    .....बहुत खूबसूरती के साथ शब्दों को पिरोया है इन पंक्तिया में आपने

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  3. हालत ने अब ये कहा
    लाके रख दिया कहाँ
    साथ साथ होते हुए भी
    बेगाना कर दिया ...

    ज़िंदगी का बहुत भावपूर्ण और मर्मस्पर्शी चित्रण...बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति

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  4. छोटा है जीवन, खुश रहे, यथा सम्भव।

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  5. हाथो में हाथ लिए
    बैठे थे हम
    तेज झोकें से
    बिखर गए हम

    बस इतनी सी जिंदगी ये
    थोड़ी अपनी थोड़ी उसकी

    क्या खुब लिखा है.....लाजवाब पंक्तियाँ.....

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  6. हाथो में हाथ लिए
    बैठे थे हम
    तेज झोकें से
    बिखर गए हम

    बस इतनी सी जिंदगी ये
    थोड़ी अपनी थोड़ी उसकी

    बहुत दिन बाद लिखा आपने मगर बेहतरीन.

    सादर

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  7. बहुत सुंदर ओर लाजबाज लिखा, धन्यवाद

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  8. फिर भी जिन्दगी खूबसूरत है...

    मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है -
    मीडिया की दशा और दिशा पर आंसू बहाएं
    भले को भला कहना भी पाप

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  9. आपको एवं आपके परिवार को भगवान हनुमान जयंती की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ।

    अंत में :-

    श्री राम जय राम जय राम

    हारे राम हारे राम हारे राम

    हनुमान जी की तरह जप्ते जाओ

    अपनी सारी समस्या दूर करते जाओ

    !! शुभ हनुमान जयंती !!

    आप भी सादर आमंत्रित हैं,

    भगवान हनुमान जयंती पर आपको हार्दिक शुभकामनाएँ

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  10. वाह .... बहुत खूब ।

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  11. जिंदगी हर पल जीने का नाम है।

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  12. शानदार, बधाई.
    मेरे ब्लॉग पर आयें, आपका हार्दिक स्वागत है
    मीडिया की दशा और दिशा पर आंसू बहाएं

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  13. बहुत सुन्दर और भावप्रणव रचना!
    भगवान हनुमान जयंती पर आपको हार्दिक शुभकामनाएँ!

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  14. कोरल जी पूरी कविता ही सुंदर है |आप व्यस्तता में इतना अच्छा लिखतीं हैं तो फुरसत में .....बधाई और शुभकामनाएं |

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  15. कितनी सुंदर पंक्तियाँ कहीं आपने..... सच में जीवन छोटा है .....ख़ुशी से जिए इससे अच्छा क्या हो सकता है....

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  16. बस इतनी सी जिंदगी ये
    तेरी हंसीं मेरे आंसूं

    आपने एकदम सही कहा है। जिन्दगी भले ही छोटी हो, भरपूर होनी चाहिये, आंसू लेकर भी हँसी देने वाली सहीन ज़िन्दगी!

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  17. बहुत खूब ।

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  18. @Suman

    धन्यवाद सुमन जी

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  19. यही जीवन है ....शुभकामनायें !

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  20. बहुत भावमय सार्थक रचना\\इसी सन्दर्भ मे कुछ पँक्तियाँ--
    जब छोटी छोती बातों पर
    हो जाते हैं
    हम से मै और तू
    तब रह जाते हैं
    ह्क़ैं जीने के
    कई बडे बडे पल
    पर ये जीवन है ऐसे ही धूप छाँव की तरह चलता रहेगा। शुभकामनायें।

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  21. bahut umda rachna...saath hoke bhi begane huye...jo apne the we sabhi anjaane huye.

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  22. हालत ने अब ये कहा
    लाके रख दिया कहाँ
    साथ साथ होते हुए भी
    बेगाना कर दिया

    बस इतनी सी जिंदगी ये
    तेरी हंसीं मेरे आंसूं
    bahut pyaari rachna ,is jeevan ka yahi hai rang roop ,kahi chhanv kahi dhoop .

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  23. बस इतनी सी जिंदगी, तेरी हंसी मेरे आंसू।

    भावपूर्ण रचना।

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  24. साथ साथ बिताए
    वो लम्हे
    बहते जा रहे है कही
    रोके से अब ये
    रुक ना पा रहे अभी

    बहुत ही प्यारी रचना

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  25. बस इतनी सी जिंदगी ये
    कुछ हवा कुछ पानी

    बहुत खूब ।
    विवेक जैन vivj2000.blogspot.com

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  26. सुन्दर कविता.एक एक पल कीमती है ज़िन्दगी का.

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  27. जिंदगी होती ही कुछ ऐसी है. बहुत खूब .......... सुंदर प्रस्तुति.

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  28. हाथो में हाथ लिए
    बैठे थे हम
    तेज झोकें से
    बिखर गए हम


    पहले भी आई थी ....
    आपकी इस नज़्म ने विचलित किया तृप्ति जी .....
    आपकी कलम भी अब ऐसी नज़्म लिखने लगी .....?
    दुआ है ये बिखरे तिनके फिर एक बया घरौदा बना लें .....

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  29. कितना कुछ, इतनी सी कही जाने वाली जि़दगी में.

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  30. राम-राम जी,
    जीवन इसी का नाम है इसे जिये जाओ।

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  31. Kabhi kabhi saath saath chalte huve bhi ekaaki rahte hain ... bahut marmsparshiy rachna hai ..

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  32. बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति|धन्यवाद|

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  33. कित्ती प्यारी सी कविता..बधाई.
    ________________________
    'पाखी की दुनिया' में 'पाखी बनी क्लास-मानीटर' !!

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टिप्पणी के लिए आपका बहुत धन्यवाद. आपके विचारों का स्वागत है ...

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